भा.कृ.अनु.प.- केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई में हिन्दी चेतना मास 2020 तथा राष्‍ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जन्‍मशताब्दी समापन का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.- केंन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, माटुंगा, मुंबई में हिन्दी चेतना मास का आयोजन किया गया जिसमें राजभाषा को प्रोत्साहन देने हेतु विभिन्‍न प्रतियोगिताओं  निबंध लेखन, शुद्धलेखन, यूनिकोड टंकण, तकनीकी वाक्यांश,  पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। इसके साथ ही राष्‍ट्रपिता  महात्मा गांधी की 150 वीं जन्‍मशताब्दी भी मनाई गई जिसमें स्वच्छता अभियान, निबंध स्पर्धा, पेंटींग, भाषण आदि कार्यक्रम किये गये. 
चेतना मास के समापन दिवस पर “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और हिंदी” विषय पर आयोजित  कार्यशाला में गांधीजी के भाषीय दृष्टि‍कोण पर राजभाषा विभाग, भारत सरकार के पूर्व  सहायक निदेशक डॉ. अनंत श्रीमाली ने कहा कि गांधी एक नाम भर नहीं है बल्कि एक विचार है. जीवन को जीने की  शैली है. गांधी को युगों की समझ थी. उनकी दूरदर्शिता ही थी जो हिंदी के महत्त्व को उन्होंने सबसे पहले समझा. वे चाहते थे कि हिंदी  भारत की राष्‍ट्रभाषा बने । यदि हम ऐसा करते हैं तो सच्‍चे अर्थों में गांधीजी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे। 
संस्थान के निदेशक डा. पी.जी. पाटील जी ने हिंदी की महत्ता स्पष्ट करते हुए कहा कि हिन्‍दी का उपयोग अपने रोजमर्रा के कार्यों में करना हमारा संवैधानिक दायित्‍व है. हम सभी को अपने कार्यालयीन कार्यों  में राजभाषा का अधिकाधिक व बेहतर रुप से उपयोग कर राजभाषा का प्रचार-प्रसार जारी रखना है।  
ऑनलाइन के ज़रिये से संस्थान  के  नागपुर , धारवाड, गुंटूर, कोइम्बतुर, सिरसा, सूरत की  क्षेत्रीय इकाइयों के अधिकारी कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शानदार संचालन प्राची म्‍हात्रे, वरिष्‍ठ तकनीकी अधिकारी ने किया। सभी ने कार्यक्रम को बहुत सराहा।